भोपाल, 14 अगस्त। किशनगढ़ में कृषि भूमि पर मार्बल स्लरी कचरे की कथित अवैध और अवैज्ञानिक डंपिंग के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण...
भोपाल, 14 अगस्त। किशनगढ़ में कृषि भूमि पर मार्बल स्लरी कचरे की कथित अवैध और अवैज्ञानिक डंपिंग के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ भोपाल ने गंभीर रुख अपनाते हुए संयुक्त समिति का गठन किया है। समिति मौके का निरीक्षण कर मामले की तथ्यात्मक जांच करेगी और छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष पेश करेगी।
यह आदेश शुक्रवार को मूल आवेदन संख्या 173/2026 (CZ), देवीदास खत्री बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य में पारित किया गया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य तथा सुधीर कुमार चतुर्वेदी, विशेषज्ञ सदस्य की पीठ ने की।
कृषि भूमि और भूजल प्रदूषण की आशंका
आवेदक की ओर से आरोप लगाया गया कि किशनगढ़ क्षेत्र में अनियंत्रित खनन, मार्बल प्रसंस्करण और स्लरी के निस्तारण की अवैज्ञानिक व्यवस्था के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। कृषि भूमि पर खुले में डाली जा रही मार्बल स्लरी गर्मियों में हवा के साथ फैलने तथा मानसून के दौरान वर्षाजल के साथ बहने से कृषि भूमि और भूजल को प्रभावित कर सकती है।
आवेदन में स्लरी डाइक की स्थिरता, डिकैंटेड पानी के पुनः उपयोग तथा कथित अवैध स्लरी डंपिंग स्थलों के विस्तृत सर्वेक्षण सहित प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाने की मांग उठाई गई।
कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि होंगे शामिल
NGT ने मामले की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की है। समिति में किशनगढ़ कलेक्टर के प्रतिनिधि और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
समिति को मौके का निरीक्षण कर छह सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक एवं की गई कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समिति के समन्वय और लॉजिस्टिक सहायता के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
प्रतिवादियों से मांगा जवाब
अधिकरण ने प्रतिवादियों को भी छह सप्ताह के भीतर पैरावार जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें पूर्व में उद्धृत मामलों में पारित आदेशों के बाद उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी भी देनी होगी।
वहीं, आवेदक को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की प्रति समिति तथा प्रतिवादियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सेवा पूरी होने की पुष्टि करते हुए हलफनामा भी दाखिल करना होगा।
NGT ने समिति की रिपोर्ट सर्चेबल PDF/OCR सपोर्टेड PDF के रूप में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
4 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि किशनगढ़ क्षेत्र में मार्बल स्लरी के कथित अवैध निस्तारण की स्थिति क्या है और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
COMMENTS