जयपुर, 5 जून 2025 — विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन द्वारा “वसुधा मेरी माँ” कार्यक्रम का आयोजन किया...
जयपुर, 5 जून 2025 — विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन द्वारा “वसुधा मेरी माँ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन, वन्यजीव सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत विकास को लेकर गंभीर चर्चा एवं संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्नोई समाज के धर्मगुरु श्री जंभेश्वर भगवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की गई।
फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने बताया कि रेगिस्तानी राजस्थान को हरा-भरा बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके “धुन प्रोजेक्ट” को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स फाउंडेशन एवं कतर देश की राजकुमारी के फाउंडेशन द्वारा सहयोग हेतु चयनित किया गया है।
फाउंडेशन के डायरेक्टर शक्ति सिंह बांदीकुई ने अपने वक्तव्य में कहा कि अब समय आ गया है जब हम प्रकृति को लौटाने का प्रयास करें। उन्होंने पूर्वजों द्वारा संरक्षित ओरण, गौचर, तालाब, बावड़ी, कुंड जैसी पारंपरिक जल-संरचना प्रणालियों का स्मरण किया। एवम आगामी अगस्त माह में एक ही दिन में 21,000 पौधों का पौधारोपण किया जायेगा।
कार्यक्रम में भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ. लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने प्लास्टिक और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की।
पद्मश्री सुंडाराम वर्मा ने कम जल-उपयोग में पौधारोपण की तकनीक का व्यावहारिक विवरण देते हुए बताया कि मात्र 1 लीटर पानी से लगाया गया पौधा पूरे जीवनकाल में अतिरिक्त जल की आवश्यकता नहीं रखता, जिससे हजारों लीटर जल की बचत संभव है।
जल संरक्षण विशेषज्ञ पद्मश्री लक्ष्मण सिंह लापोड़िया ने चौका पद्धति से मृत जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने और क्षेत्रीय जलस्तर को ऊपर उठाने की जानकारी साझा की।
जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई ने कहा कि गुरु जंभेश्वर भगवान ने सदियों पहले जो पर्यावरणीय सिद्धांत दिए, वे आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। उन्होंने वर्तमान जीवनशैली में बदलाव और अंधाधुंध औद्योगीकरण पर विराम लगाने का आह्वान किया।
फाउंडेशन के डायरेक्टर एवं शौर्य चक्र विजेता ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि संस्था ने पिछले एक वर्ष में चार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता जरूरतमंदों को प्रदान की है और प्रकृति सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण में विशेष योगदान के लिए सुशील अग्रवाल एवं सुरेंद्र अवाना को “पर्यावरण रत्न - 2025” सम्मान से नवाजा गया।
अंत में पर्यावरण व जीवरक्षा करते हुए बलिदान देने वाले राधेश्याम पैमानी, श्याम बिश्नोई, कंवराज सिंह भाटी, वनरक्षक सुरेन्द्र चौधरी को पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में फाउंडेशन के सलाहकार के. के. बोहरा, रिटायर्ड आर पी एस हेतराम बिश्नोई, तुलसीराम मांजू, यामीन मंसूरी, डॉ रामकेश परमार, पुलिस उप अधीक्षक धर्म सिंह, डॉ रूपक सिंह, डॉ भावन चौधरी, प्रख्यात गायक कलाकार कविता जैन, महिला क्रिकेटर मंजू गोदारा, यूनिसेफ प्रतिनिधि राखी कुमारी, रिटायर्ड आर ए एस शक्ति सिंह सिसोदिया, नर्सिंग एसोशिएसन के हरि सिंह भाटी, अजय बघेल, कैप्टन लियाकत खान, पार्षद गिर्राज सैनी, धरती अमृत संस्था के ओंकार सिंह, आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के जी एल वर्मा, योगेंद्र सिंह, संजय सिंह खानपुर, विश्नोई समाज के प्रतिनिधिगण समेत बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे।
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