स्वीकृत आवासीय मानचित्र के विपरीत व्यावसायिक उपयोग करने का मामला जयपुर. बनीपार्क में जयसिंह हाईवे पर स्थित भूमि पर स्वीकृत आवासी...
स्वीकृत आवासीय मानचित्र के विपरीत व्यावसायिक उपयोग करने का मामला
जयपुर. बनीपार्क में जयसिंह हाईवे पर स्थित भूमि पर स्वीकृत आवासीय मानचित्र के विपरीत व्यावसायिक कार शोरूम बनाकर उपयोग करने एवं नगर निगम के वर्ष 2001 में नोटिस देने के बाद भी आज तक बिना भू-उपयोग परिवर्तन कराये संचालन करने को महानगर मजिस्ट्रेट, क्रम संख्या-03, मेट्रो प्रथम श्रृंगिका जाजू की अदालत ने 24 साल बाद अवैध मानते हुए वादीगण के दावे को खारिज करने के आदेश दिए हैं।
नगर निगम से 02 सितम्बर, 1998 को स्वीकृत मानचित्र के अनुसार 4800 वर्गगज आवासीय भूमि में से अवैध रूप से 1400 वर्ग गज पर उपरोक्त शोरूम संचालित होना बताया गया हैं। जयसिंह हाईवे पर स्थित उक्त K P Automotive Maruti Car के शोरूम को 24 साल पहले 05 मार्च, 2001 और 30 जून 2001 को नगर निगम ने 03 दिन में अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया था। जिसको लेकर संपत्ति स्वामी गीता देवी, उनका बेटा कृष्ण कुमार पोद्दार सहित अन्य ने नगर निगम के विरुद्ध उपरोक्त मुकदमा दायर किया था। एडवोकेट पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने जयपुर नगर निगम की ओर से वादीगण के दावे का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि बिना भू-उपयोग परिवर्तन कराए वादीगण कार शोरूम का नियम विरुद्ध संचालन कर रहे हैं। केवल भू-उपयोग परिवर्तन के लिए वादीगण की ओर नगर निगम में अर्जी पेश कर देने तथा निगम की ओर से एक माह में निर्णय नहीं करने से आवासीय जमीन को व्यावसायिक उपयोग करने की मंजूरी नहीं मानी जा सकती हैं। निगम के अधिवक्ता पुष्पेन्द्र भारद्वाज का यह भी कहना था कि न्यायालय से किसी प्रकार का अनुतोष चाहने के लिए अदालत के समक्ष स्वच्छ हाथों से आना भी आवश्यक हैं। वादीगण ने निगम की ओर दिए गए नोटिसों को अदालत में चुनौती देकर आज दिन अवैध संचालन कर रहे हैं। जबकि राज्य स्तरीय भू-परिवर्तन समिति ने 2002 में ही वादीगण की भू-उपयोग परिवर्तन की अर्जी खारिज कर दी थी। ऐसे में वादीगण का दावा हर्जे खर्चे के साथ खारिज किया जाए।
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