एसओजी की बड़ी कार्रवाई मेडिकल सिस्टम में घुसपैठ की कोशिश का पर्दाफाश जयपुर। राजस्थान एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी ड...
जयपुर। राजस्थान एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी डॉक्टरों का पर्दाफाश किया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने एक बड़े और संवेदनशील प्रकरण का भंडाफोड़ करते हुए ऐसे तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने विदेशी मेडिकल डिग्री के बाद भारत में आवश्यक एफ.एम.जी.ई परीक्षा पास न कर पाने पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर ली थी।
यह मामला न केवल मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा गंभीर अपराध है।
कैसे खुला फर्जीवाड़े का बड़ा खेल?
एसओजी को सूचना मिली कि डॉ० पियुष कुमार त्रिवेदी, निवासी दौसा, ने एफ. एम. जी. ई परीक्षा में असफल होने के बावजूद गिरोह की मदद से फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार कराया और उसी के आधार पर एनएमसी से इंटर्नशिप की अनुमति हासिल कर ली।
इंटर्नशिप के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज करौली का आवंटन भी हो गया था।
एसओजी ने जांच की और पूरा मामला सच साबित हुआ। इसके बाद प्रकरण संख्या 34/25 दर्ज कर गहन पूछताछ शुरू की गई।
अनुसंधान में सामने आए चौंकाने वाले तथ्यः
आरोपी डॉ० पियुष ने 2022 में जॉर्जिया से एमबीबीएस किया था।
भारत में मेडिकल प्रैक्टिस हेतु अनिवार्य एफ.एम.जी. ई परीक्षा को उसने 2022, 2023 और 2024-तीन बार दिया, पर हर बार फेल हुआ। बार-बार असफल होने पर उसने अपने परिचित डॉ० देवेन्द्र सिंह गुर्जर से संपर्क किया। देवेन्द्र ने अपने साथी डॉ० शुभम गुर्जर एवं अन्य लोगों के साथ मिलकर 16 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट एवं एनएमसी रजिस्ट्रेशन दिलवाया।
इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर पियूष ने करौली मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप पूरी कर ली।
सबसे बड़ा खुलासा दो और 'डॉक्टर' भी निकले फर्जी!
जांच में ये चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि डॉ० शुभम गुर्जर ने फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट के आधार पर राजीव गांधी अस्पताल, अलवर में इंटर्नशिप की।
डॉ० देवेन्द्र सिंह गुर्जर ने इसी गिरोह के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप पूर्ण की।
एसओजी की प्रारंभिक जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि यह पेशेवर गिरोह, बड़ी रकम लेकर विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को फर्जी सर्टिफिकेट दिलवाने के धंधे में सक्रिय है।
गिरफ्तार आरोपीः
1. डॉ० पियूष कुमार त्रिवेदी प्रेम रुक्मणी, पीजी कॉलेज के पास, दौसा
2. डॉ० शुभम गुर्जर निवासी खेरवाल, जिला दौसा
3. डॉ० देवेन्द्र सिंह गुर्जर निवासी खुरी कला, जिला दौसा
फर्जी एफ.एम.जी.ई सर्टिफिकेट तैयार करने वाले नेटवर्क
इस अवैध काम में शामिल बिचौलिये
और फर्जी डिग्री लेकर इंटर्नशिप कर चुके अन्य 'डॉक्टर्स' की पहचान की जा रही है।
एसओजी ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल सेक्टर की पवित्रता और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा यह अपराध किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
COMMENTS