जयपुर। राजस्थान में परिवहन विभाग के सबसे बड़े घोटाले थ्री डिजिट में आखिरकार पहली FIR दर्ज हो गई । जयपुर के आरटीओ प्रथम राजेंद्र ...
जयपुर। राजस्थान में परिवहन विभाग के सबसे बड़े घोटाले थ्री डिजिट में आखिरकार पहली FIR दर्ज हो गई ।
जयपुर के आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा 39 लोगों पर दर्ज एफ़आईआर में सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करके फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर किए मनमाने नंबर फर्जी तरीक़े से आवंटित करने,पद का दुरुपयोग कर राजकोष को हानि पहुँचाने और जाली दस्तावेज़ो के आधार पर फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने सहित बीएनएस की कई गंभीर और संगीन धाराओं में गांधीनगर जयपुर में यह मुक़दमा दर्ज हुआ है।
इनमें संयुक्त आयुक्त धर्मपाल आसीवाल, RTO इन्दु मीणा, ARTO प्रकाश टहलियानी, डीटीओ संजय शर्मा, डीटीओ सुनील सैनी, डीटीओ संजीव भारद्वाज, संस्थापन अधिकारी राज सिंह चौधरी, वरिष्ठ सहायक अयूब ख़ान, लिपिक जहांगीर ख़ान, सुरेश तनेज़ा,कपिल भाटिया सहित दो दर्जन से अधिक कार्मिको के ख़िलाफ़ यह मुकदमा दर्ज हुआ है। करीब पांच सौ करोड़ के इस बहुचर्चित घोटाले में शामिल लोगो पर अब अन्य ज़िलों में भी प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना है।
प्रकरण में ED की भी हो गई एंट्री
ED ने इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत मानते हुए परिवहन विभाग और जयपुर RTO से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण में ED को आशंका है कि 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी हुई है।
ED के असिस्टेंट डायरेक्टर की ओर से पिछले दिनों पत्र लिखकर उन सभी आरटीओ कार्यालयों से जांच की प्रति मांगी गई है, जहां इस मामले की जांच हुई है। साथ ही, जांच से जुड़े वाहनों के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इसके अलावा, जयपुर आरटीओ को भी पत्र भेजकर 79 गाड़ियों से संबंधित जांच रिपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट मांगे गए हैं।
आरटीओ कार्यालयों से जांच की प्रति मांगी गई है, जहां इस मामले की जांच हुई है। साथ ही, जांच से जुड़े वाहनों के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इसके अलावा, जयपुर आरटीओ को भी पत्र भेजकर 79 गाड़ियों से संबंधित जांच रिपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट मांगे गए हैं।
ईडी के पत्र में जयपुर आरटीओ-1 के मामले में 31 मार्च को गांधी नगर थाने में दर्ज FIR का भी जिक्र किया है। यह FIR एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुरेश तनेजा और प्रोग्रामर रामजी लाल मीणा के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
इन 4 बिन्दुओ पर मांगी हैं जानकारी
ED की तरफ से पत्र लिखा गया है, उसमें चार बिंदुओं पर जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं।
01. 79 वाहनों के संबंध में की गई जांच रिपोर्ट की कॉपी और उससे सरकारी कोष को करीब कितनी हानि हुई, इसका आकलन।
02. आरटीओ-I जयपुर की आंतरिक जांच रिपोर्ट की कॉपी, जिसमें बैकलॉग प्रक्रिया में पाई गई सभी अनियमितताओं का पूरा विवरण तथा सरकारी कोष को हुई कुल हानि का आकलन।
03. राजस्थान के सभी आरटीओ की आंतरिक जांच रिपोर्टों की प्रतियां, जिनमें उनके-अपने क्षेत्रों में पाई गई समान अनियमितताओं का उल्लेख हो।
04. इस संबंध में परिवहन विभाग तरफ से की गई कार्यवाही का विवरण।
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