जयपुर। थिएटर आर्टिस्ट एसोसिएशन, जयपुर एवं आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने संयुक्त रूप से आज प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कला एवं ...
जयपुर। थिएटर आर्टिस्ट एसोसिएशन, जयपुर एवं आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने संयुक्त रूप से आज प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कला एवं संस्कृति मंत्री, मुख्य सचिव तथा प्रमुख शासन सचिव (कला एवं संस्कृति) के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
कलाकार संगठनों ने कहा कि राजस्थान देशभर में कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन रवींद्र मंच, जवाहर कला केंद्र एवं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं आज उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि हेरिटेज श्रेणी में आने वाला रवींद्र मंच, जयपुर तकनीकी अव्यवस्थाओं, जर्जर भवन संरचना, खराब ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था तथा दर्शक सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहा है। पूर्व में कराया गया नवीनीकरण भी गुणवत्ता और पारदर्शिता की दृष्टि से संतोषजनक नहीं रहा।
जवाहर कला केंद्र से जुड़ी अनियमितताओं एवं संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष एवं सार्वजनिक जांच की मांग भी ज्ञापन में की गई। वहीं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी में कर्मचारियों की भारी कमी, नियमित सांस्कृतिक गतिविधियों का अभाव तथा जर्जर प्रेक्षागृह को कलाकारों और सांस्कृतिक भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताया गया।
कलाकारों ने रवींद्र मंच के आसपास यातायात अव्यवस्था, प्रवेश-निकास की समस्याओं तथा अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसके कारण दर्शकों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। साथ ही पूर्व में पारित प्रस्ताव के बावजूद परिसर में सांस्कृतिक कॉफी हाउस का निर्माण न होना प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बताया गया।
थिएटर आर्टिस्ट एसोसिएशन, आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान एवं संयुक्त कलाकार अभियान से जुड़े सभी कलाकार संगठनों ने एक स्वर में मांग की कि इन सांस्कृतिक संस्थाओं को शीघ्र पुनर्जीवित किया जाए, ताकि राजस्थान की कला और संस्कृति की गरिमा सुरक्षित रह सके।
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