- लो प्रोफाइल, निर्विवादित एवं संवेदनशील छवि के अधिकारी हैं डॉ. सोनी - जयपुर कलक्टर के रूप में नवाचारों से प्रशासनिक दक्षता और ...
- जयपुर कलक्टर के रूप में नवाचारों से प्रशासनिक दक्षता और सुशासन का स्थापित किया नया मानदंड
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन और मेंडेट को राजधानी जयपुर में प्रभावी एवं जमीनी स्तर पर किया साकार
- ‘रास्ता खोलो अभियान’ जैसे अभिनव प्रयासों को राज्य स्तर पर मिली व्यापक सराहना
- 17 महीनों से भी कम समय में 1800 से अधिक रास्ते खुलवाकर लाखों ग्रामीणों के जीवन को बनाया सुगम
- शिक्षा आधारित सशक्तिकरण की दिशा में ‘नरेगा आखर अभियान’ बना मील का पत्थर
- ‘नरेगा आखर’ के माध्यम से 41 हजार से अधिक निरक्षर मनरेगा श्रमिकों में साक्षरता की जागी नई चेतना
- ‘सक्षम जयपुर अभियान’ से आमजन के जीवन में आया ठोस एवं सकारात्मक परिवर्तन
जयपुर, 1 अप्रैल। राजस्थान सरकार द्वारा एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। यह दायित्व न केवल उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, बल्कि उनकी संवेदनशील, संतुलित एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली की स्वाभाविक परिणति है। डॉ. सोनी एक ऐसे अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं, जिन्होंने सदैव सादगीपूर्ण, निर्विवादित एवं जनोन्मुखी छवि के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।
बतौर जिला कलक्टर, जयपुर डॉ. सोनी ने प्रशासनिक नवाचारों के माध्यम से सुशासन की एक नई कार्यसंस्कृति स्थापित की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन, प्राथमिकताओं एवं मेंडेट को राजधानी जयपुर में प्रभावी, पारदर्शी और परिणामकारी तरीके से लागू करते हुए प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई, बल्कि आमजन के जीवन में प्रत्यक्ष सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित किया।
डॉ. सोनी के कार्यकाल का सबसे उल्लेखनीय नवाचार ‘रास्ता खोलो अभियान’ रहा, जिसने सुशासन को जमीनी स्तर पर साकार करने का कार्य किया। इस अभियान के अंतर्गत 17 महीनों से भी कम समय में 1800 से अधिक अवरुद्ध रास्तों को खुलवाया गया, जिससे लाखों ग्रामीणों के लिए आवागमन सुगम हुआ और उनकी आजीविका एवं दैनिक जीवन से जुड़ी अनेक समस्याओं का समाधान संभव हो सका। यह पहल राज्य स्तर पर व्यापक रूप से सराही गई और अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी।
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी डॉ. सोनी के प्रयास अत्यंत सराहनीय रहे। ‘नरेगा आखर अभियान’ के माध्यम से निरक्षर मनरेगा श्रमिकों में साक्षरता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हुए उन्हें शिक्षित बनाने का अभिनव प्रयास किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित असेसमेंट टेस्ट में जिले के 41 हजार 290 श्रमिकों का सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होना इस पहल की व्यापक स्वीकार्यता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
अभियान के आगामी चरण में इन श्रमिकों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, खाता संचालन, एटीएम एवं यूपीआई के उपयोग, विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ाव, डिजिटल साक्षरता, मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग, ऐप्स की जानकारी, ओटीपी एवं पासवर्ड सुरक्षा, तथा ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के उपयोग के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह पहल उन्हें न केवल साक्षर बनाएगी, बल्कि डिजिटल युग में आत्मनिर्भर एवं सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
इसके अतिरिक्त, ‘सक्षम जयपुर अभियान’ के माध्यम से भी आमजन के जीवन में ठोस एवं सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए गए। इस अभियान ने प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद, विश्वास एवं सहभागिता को सुदृढ़ करते हुए सुशासन की अवधारणा को और अधिक व्यापकता प्रदान की।
वहीं, डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में पंच गौरव योजना खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने में सशक्त माध्यम साबित हुई। योजना के तहत जयपुर में कबड्डी के 1 हजार 173 मैदान और 20 सिंथेटिक मेट मैदान तैयार किये गए हैं। इन मैदानों पर कबड्डी की प्रतिभाएं पसीना बहा रहीं हैं।
जयपुर जिला प्रशासन ने डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में एक अनूठी पहल के तहत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार और ईओ ने अपने-अपने क्षेत्र में पार्क गोद लिए। जनसहयोग और सहभागिता से इन पार्कों में ओपन जिम, वॉकवे और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के एक अभिनव नवाचार के तौर पर जिले के सभी उपखण्डों में चरणबद्ध रूप से नारी चौपाल कार्यक्रम आयोजित किये गए, जिसमें हजारों की तादाद में महिलाओं ने अपनी सक्रियता भागीदारी से महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता के स्वर गूंजे।
डॉ. सोनी की कार्यशैली में संवेदनशीलता, नवाचार, पारदर्शिता और परिणामपरकता का अद्वितीय समन्वय देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री सचिव के रूप में उनकी यह नई जिम्मेदारी निश्चित ही राज्य प्रशासन को और अधिक गतिशील, उत्तरदायी एवं जनकेंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन की परिकल्पना को नई ऊँचाइयाँ प्राप्त होने की पूर्ण संभावना है।
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