जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कर्मचारियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने जा रहा है।...
जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कर्मचारियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने जा रहा है। ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लाइज एसोसिएशन ने सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
वाणिज्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप...
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जोनल सचिव बी.एल. बैरवा ने आरोप लगाया कि वाणिज्य विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी वर्ग के कर्मचारियों को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने समीर शर्मा और सुनीता जांगिड़ से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं नरुका पर कार्रवाई नहीं हो, ऐसे में उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ ने उसे अपना शाखा का पदाधिकारी ही बना लिया। उधर नरुका ने बुकिंग, पार्सल और रिजर्वेशन के कर्मचारियों पर दबाव बनाया कि वो उसके पक्ष में होने के लिए प्रशासन को लिखित में दें और प्रशासन को ये भी बताएं कि उन्हें उसने कभी परेशान नहीं किया।
पदोन्नति और रोस्टर नियमों की अनदेखी का आरोप...
मंडल अध्यक्ष राम बाबू लाल गौतम ने कहा कि लोको पायलट गुड्स समेत कई पदों पर पदोन्नति के दौरान एससी/एसटी कर्मचारियों के रोस्टर नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षित पद खाली होने के बावजूद पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति नहीं दी जा रही। साथ ही कर्मचारियों को घर के नजदीक पदस्थापन और अन्य सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है।
25 मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
एसोसिएशन के मंडल सचिव विनोद कुमार मीणा ने बताया कि 10 जून को 25 मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का नोटिस दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि मांगों के समाधान की बजाय कर्मचारियों और पदाधिकारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। कई बार डीआरएम और जीएम स्तर पर मांगें उठाने के बावजूद अधिकांश मामलों का निस्तारण नहीं हुआ।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी...
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन धरना, प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शन में एसोसिएशन के जोनल और मंडल स्तर के कई पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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