जलवायु परिवर्तन से राजस्थान में बढ़ रहा संकट:केएल राव जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी की ओर से क...
जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी की ओर से कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित मीडिया राउंडटेबल में जलवायु परिवर्तन से राजस्थान में बढ़ती चुनौतियों और उनके समाधान में मीडिया की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में पत्रकारों, पर्यावरण विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने भाग लेकर प्रदेश में बढ़ती हीटवेव, जल संकट, अनियमित वर्षा और सूखे जैसी परिस्थितियों के प्रभावों पर मंथन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए यूनिसेफ राजस्थान के प्रमुख रूषभ हेमानी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी विकासात्मक चुनौतियों में से एक है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी और जल संकट की दोहरी मार महिलाओं और बालिकाओं के जीवन को भी प्रभावित कर रही है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनिसेफ के चीफ के.एल. राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से पार पाने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जागरूकता बढ़ाने, लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने और सरकारी प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग किया है, जिसके तहत सभी जिलों में जिला जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के लिए हीटवेव शिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अत्यधिक गर्मी के प्रभाव, बचाव के उपाय, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जल संसाधनों पर बढ़ रहा है दबाव:राधेश्याम शर्मा
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख राधेश्याम शर्मा ने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और भूजल दोहन के कारण राजस्थान के जल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और जल बजटिंग जैसी पहलों को समय की आवश्यकता बताया। कार्यशाला में आयोजित ऑनलाइन सत्रों में यूनिसेफ के क्लाइमेट चेंज एंड एनवायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी स्पेशलिस्ट युसूफ कबीर और आईआईपीएच के प्रोफेसर महावीर गोलछा ने बढ़ते तापमान से बचाव के उपायों और सरकारी प्रयासों की जानकारी साझा की।
‘यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन’ पहल शुरू की:अंकुश सिंह
यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह ने बताया कि युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए ‘यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन’ पहल शुरू की जा रही है। स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल के माध्यम से युवाओं को जलवायु विज्ञान, जलवायु नीति, हरित रोजगार, सतत विकास और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, फ्यूचर सोसायटी की सचिव डॉ.मीना शर्मा ने कहा कि भविष्य में जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं, जल सुरक्षा, जलवायु-स्मार्ट स्कूलों और युवाओं की भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में बच्चों के जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यशाला में जयपुर के कई वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों सहित पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जन भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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