जयपुर। 182 साल पुराने प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज ने इतिहास रच दिया है। कॉलेज के लगभग दो सदियों के गौरवशाली सफर में अब...
जयपुर। 182 साल पुराने प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज ने इतिहास रच दिया है। कॉलेज के लगभग दो सदियों के गौरवशाली सफर में अब पहली बार एक महिला प्रधानाचार्य ने पद संभाला है। प्रोफेसर सरीना कालिया ने महाराजा कॉलेज की 58वीं प्रधानाचार्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी ग्रहण की है। कॉलेज के संस्थापक प्रथम प्रधानाचार्य पंडित श्योदीन से शुरू होकर आज तक कुल 57 प्रधानाचार्य रहे हैं, लेकिन प्रोफेसर कालिया पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व संभाला है।
प्रोफेसर सरीना कालिया कई वर्षों से महाराजा और महारानी कॉलेज से जुड़ी रही हैं और छात्रों में बेहद लोकप्रिय हैं। वे पहले महाराजा व महारानी कॉलेज की उप-प्रधानाचार्या रह चुकी हैं और अपने उप-प्रधानाचार्यकाल में भूगोल की शिक्षा, कॉलेज प्रशासन में योगदान तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुकी हैं। साथ ही दो बार अधिष्ठाता छात्र कल्याण का पदभार भी संभाल चुकी हैं। छात्र संगठन और शिक्षक समुदाय दोनों उनकी कार्यशैली व समर्पण की सराहना करते रहे हैं।
महाराजा कॉलेज के नए नेतृत्व के रूप में प्रोफेसर कालिया के सामने कई चुनौतियाँ होंगी — शैक्षणिक स्तर में सुधार करना और नियमित कक्षाएँ सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा, साथ ही अवसंरचना विकास, शोध और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वय जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होंगे। लेकिन उनके पिछले अनुभव और छात्र-समाज के साथ घनिष्ठ जुड़ाव यह संकेत देते हैं कि वे इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।
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