● 52 दिन से जारी नागाणा संघर्ष समिति के धरने को सांसद बेनीवाल का समर्थन, कंपनी-अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश ● एमपीटी में ...
● 52 दिन से जारी नागाणा संघर्ष समिति के धरने को सांसद बेनीवाल का समर्थन, कंपनी-अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश
● एमपीटी में ब्लास्टिंग, क्रूड वेस्ट और प्रदूषित पानी की शिकायतों पर सांसद बेनीवाल सख्त, कहा- प्रभावितों को मिले उचित मुआवजा
बाड़मेर, 20 अगस्त 2026। बाड़मेर जिले के नागाणा स्थित मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (एमपीटी) गेट नंबर-3 पर पिछले 52 दिनों से जल, जंगल, जमीन, जीवन और किसानी की सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर जारी नागाणा संघर्ष समिति के अनिश्चितकालीन धरने पर गुरुवार को बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल पहुँचे। उन्होंने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों, किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा केयर्न वेदांता कंपनी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर समाधान के निर्देश दिए।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण और किसानों के हितों की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता। विकास तभी सार्थक है, जब स्थानीय लोगों के अधिकार, सुरक्षा और आजीविका सुरक्षित रहें। उन्होंने ब्लास्टिंग से मकानों एवं संपत्तियों को नुकसान, कृषि कुओं के प्रभावित होने, क्रूड वेस्ट एवं रासायनिक अपशिष्ट से पानी प्रदूषित होने तथा खेतों के बंजर होने की शिकायतों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच आवश्यक बताई।
उन्होंने कहा कि ब्लास्टिंग से प्रभावित मकानों का निष्पक्ष सर्वे करवाकर उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार एवं जीवन बीमा उपलब्ध कराया जाए। जिन गांवों और ग्राम पंचायतों का सर्वे नहीं हुआ है, वहां पुनः सर्वे करवाकर सभी प्रभावित परिवारों को शामिल किया जाए। साथ ही स्थायी आपदा चेतावनी प्रणाली, एमपीटी के चारों ओर 1000 मीटर ग्रीन बेल्ट तथा निर्धारित क्षेत्रों में 33 प्रतिशत हरित क्षेत्र विकसित करने की मांग का समर्थन किया।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि किसानों की क्रूड वेस्ट की डंपिंग तत्काल रोककर उसका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग जायज हैं। उन्होंने कहा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो में सीएचसी, विद्यालय, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिम सहित आवश्यक जनसुविधाओं के विकास की भी आवश्यकता बताई।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया है और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समिति द्वारा दो बार जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद यदि निर्धारित मानकों की प्रभावी पालना नहीं हो रही है और ग्रामीणों की समस्याएं बनी हुई हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। 52 दिनों से जारी धरना इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीणों की समस्याओं का अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के अधिकार और न्याय की इस लड़ाई में मैं उनके साथ खड़ा हूँ। कंपनी एवं प्रशासन को आश्वासनों के बजाय समयबद्ध तरीके से ग्रामीणों की जायज मांगों का ठोस समाधान करना चाहिए। यदि समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन में भी मैं पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के साथ खड़ा रहूंगा और इस मुद्दे को लोकसभा सदन से लेकर हर उचित मंच पर उठाऊंगा।
धरनास्थल पर ग्रामीणों एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सांसद को विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। सांसद ने भरोसा दिलाया कि जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण और किसानों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हर उचित मंच पर मजबूती से उठाते हुए स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान धरनास्थल पर केयर्न वेदांता कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी अयोध्या प्रसाद गौड़, गंगाराम जांगिड़, गंगाराम सारण सहित सैकड़ो ग्रामीण व किसान मौजूद रहे।
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